सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र स्नान, पितरों के तर्पण और पीपल के पेड़ की पूजा करने का विशेष महत्व है。इन उपायों से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, पितृ दोष दूर होते हैं और वैवाहिक जीवन में सौभाग्य बढ़ता है。
1. पितृ दोष और दुर्भाग्य निवारण उपाय
- पीपल की पूजा: पीपल के पेड़ में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और पितरों का वास माना जाता है。पीपल की जड़ में दूध, गंगाजल और काले तिल मिश्रित जल अर्पित करें。
- तर्पण: पितरों की शांति के लिए जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करें और दान दें。
2. धन-धान्य और आर्थिक समृद्धि के लिए
- दीप दान: अमावस्या की शाम को पीपल के वृक्ष के पास गाय के घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं。
- दान: किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चावल, दही और वस्त्रों का दान करें。
3. अखंड सौभाग्य के लिए (विवाहित महिलाओं हेतु)
- तुलसी परिक्रमा: पति की लंबी उम्र के लिए सुबह तुलसी के पौधे को हल्दी-कुंकू लगाएं और 108 बार प्रदक्षिणा (परिक्रमा) करें。
ध्यान रखने योग्य बातें:
शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। इसके बजाय, स्नान के जल में थोड़ा सा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करना उत्तम माना जाता
शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। इसके बजाय, स्नान के जल में थोड़ा सा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करना उत्तम माना जाता
