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ज्योतिष मैं सूर्य, चंद्रमा एवं गुरु का बहुत ज्यादा महत्व है। सूर्य आत्मा के कारक है, चंद्रमा मन के कारक हैं, और गुरु ज्ञान के कारक हैं। चाहे किसी भी लग्न की कुंडली हो यदि यह तीनों ग्रह पीड़ित हैं तो इन्हें ठीक करने का  प्रयत्न बचपन से ही अवश्य करना चाहिए ।

February 13, 2026Uncategorizedby Nitin

एक राशि में तो बहुत सारे लोग पैदा होते हैं परंतु सबकी पर्सनालिटी अलग-अलग क्यों होती है? जैसे मेष राशि में जन्म लिया है किसी मनुष्य ने तो बहुत सारे लोग होंगे जिन्होंने मेष राशि में जन्म लिया तो सब की पर्सनैलिटी अलग-अलग कैसे हो सकती है? एक राशि दो से ज्यादा नक्षत्र से मिलकर...

February 12, 2026Uncategorizedby Nitin

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